जयपुर, मार्च 23 -- जयपुर में एक संगठित और सुनियोजित तरीके से काम कर रहे नकली किन्नरों के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म YouTube को अपना "ट्रेनिंग सेंटर" बना रखा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह न सिर्फ आम लोगों को डराकर वसूली करता था, बल्कि असली किन्नरों की पहचान और परंपराओं का भी दुरुपयोग कर रहा था।यू-ट्यूब बना अपराध की पाठशाला पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने YouTube पर वीडियो देखकर किन्नरों की बोलचाल, हाव-भाव, आशीर्वाद देने की शैली और यहां तक कि बद्दुआ देने का तरीका भी सीखा। साड़ी-ब्लाउज, मेकअप, नकली बाल और शरीर की बनावट तक को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह "रोल" तैयार किया जाता था। जांच में सामने आया है कि सैकड़ों वीडियो देखकर यह गिरोह खुद को असली किन्नरों जैसा पेश करने में माहिर हो ...
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