जयपुर, मार्च 30 -- राजधानी के मालवीय नगर स्थित पाथेय भवन में रविवार को धाकड़ समाज का अधिवेशन महज एक बैठक नहीं, बल्कि हक और पहचान की खुली घोषणा बनकर सामने आया। मंच पर नेताओं के भाषण थे, लेकिन नीचे बैठा समाज अपने भविष्य की रणनीति लिखता नजर आया। ओबीसी में 5% आरक्षण, जयपुर में छात्रावास और सामाजिक कुरीतियों पर सख्ती इन तीन मुद्दों ने पूरे कार्यक्रम का टोन तय किया।अब भावनाएं नहीं, दबाव चाहिए जैसे ही 5% ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठा, माहौल पूरी तरह बदल गया। मंच से साफ संदेश गया अब केवल मांग करने से काम नहीं चलेगा, ताकत दिखानी होगी। वक्ताओं ने दो टूक कहा कि कई समाज राजनीतिक दबाव बनाकर अपना हिस्सा ले चुके हैं, लेकिन धाकड़ समाज अभी भी बिखरा हुआ है। गुर्जर समाज का उदाहरण बार-बार मंच से गूंजा। संदेश साफ था एकजुटता ही सबसे बड़ा हथियार है।" कुछ प्रतिनिधि...