नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- अक्सर पुलिस की छवि सख्ती, अनुशासन और कानून तक सीमित मानी जाती है। लेकिन जयपुर से सामने आई दो अलग-अलग घटनाएं इस धारणा को तोड़ती हैं। ये सिर्फ ड्यूटी निभाने की कहानियां नहीं, बल्कि उन जज्बातों की मिसाल हैं, जहां वर्दी के पीछे इंसानियत पूरी शिद्दत से सांस लेती है।जब "ड्यूटी" के बीच मिला रिश्तों का सबसे अनमोल तोहफा राजस्थान विश्वविद्यालय के पास एक साधारण सा दृश्य पुलिस की गाड़ी, बोनट पर रखा छोटा केक, आसपास खड़े कुछ वर्दीधारी और आम लोग। पहली नजर में यह एक सामान्य जन्मदिन का जश्न लगता है, लेकिन इसकी परतें खोलें तो एक बेहद भावुक कहानी सामने आती है। यह जन्मदिन था महिला इंस्पेक्टर गुंजन सोनी का। लेकिन केक लाने वाले न तो परिवार के सदस्य थे, न ही करीबी दोस्त. बल्कि एक ऐसा दंपती था, जिसकी जिंदगी कभी टूटने के कगार पर खड़ी थी। कु...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.