नई दिल्ली, मई 1 -- जयपुर को दहला देने वाले 13 मई 2008 के सीरियल बम धमाकों से जुड़े जिंदा बम प्रकरण में दोषियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा स्थगन की याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि दोषियों को उम्रकैद की सजा जेल में ही काटनी होगी। यह फैसला शुक्रवार, 1 मई को जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने सुनाया। दरअसल, जयपुर के परकोटा इलाके में 18 साल पहले हुए सिलसिलेवार बम धमाकों ने पूरे देश को हिला दिया था। 13 मई 2008 की शाम को शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में एक के बाद एक कुल 8 धमाके हुए थे। इन धमाकों में करीब 80 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। उसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक जिंदा बम भी मिला था, जिसे समय रहते डिफ्यूज कर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया गया था।चार दोषिय...
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