नई दिल्ली, अक्टूबर 24 -- जयपुर में चौराहों को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने और बच्चों सहित जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए शुरू किया गया अभियान कई चुनौतियों से जूझ रहा है। प्रशासन की टीमें कार्रवाई में जुटी हैं, लेकिन शहर के प्रमुख चौराहों पर तस्वीर पूरी तरह नहीं बदली है। कहीं 12 साल की बच्ची गुलाब बेचती नजर आती है, तो कहीं किशोर पेन और टिश्यू पेपर बेचकर पैसे जुटाते दिखाई देते हैं। ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी गाड़ियों के शीशे साफ कर पैसे मांगते बच्चे और उनके साथ मौजूद बड़े भी इस अभियान के सामने खड़ी चुनौती को उजागर कर रहे हैं। जयपुर जिला प्रशासन ने 9 अक्टूबर को रामबाग सर्किल, जेडीए सर्किल और ओटीएस सर्किल पर भिक्षावृत्ति में शामिल बच्चों और अन्य लोगों के पुनर्वास के लिए अभियान शुरू किया था। यह अभियान 30 अक्टूबर तक चलना है। हालांकि, अभ...