नई दिल्ली, मई 14 -- जयपुर में इन दिनों पेट्रोल पंपों पर सिर्फ गाड़ियाँ ही नहीं, सवाल भी कतार में खड़े हैं। कहीं बोर्ड टंगा है"अधिकतम 4900 रुपये तक ही पेट्रोल मिलेगा", तो कहीं डीलर्स को मोबाइल मैसेज और मौखिक निर्देशों के जरिए सप्लाई की 'सीमा' तय कर दी गई है। न कोई आधिकारिक आदेश, न सार्वजनिक घोषणा-लेकिन ज़मीन पर नियम लागू! अचानक बदले नियम, बिना लिखित आदेश मामला यहीं नहीं रुकता। पेट्रोल पंप डीलर्स के संगठन ने अब इस 'अनौपचारिक व्यवस्था' पर खुलकर आपत्ति जताई है। संगठन के पदाधिकारियों-महासचिव शशांक कौरानी और उपाध्यक्ष प्रकाश गवालेरा-ने इंडियन ऑयल के राज्य स्तरीय समन्वयक मनोज गुप्ता को लिखे पत्र में साफ कहा है कि तेल कंपनियां डिपो से सप्लाई घटा रही हैं और ऊपर से बिक्री पर भी 'कैप' लगा रही हैं। कंपनियों की अलग-अलग 'सीमा', डीलर्स पर दबाव डीलर्स का...