कोडरमा, जून 24 -- जयनगर, निज प्रतिनिधि। सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल जयनगर प्रखंड के सांथ गांव में देखने को मिलती है, जहां एक हिंदू परिवार पिछले 114 वर्षों से मुहर्रम के अवसर पर ताजिया बनाने और लगाने की परंपरा निभा रहा है। यह परंपरा वर्ष 1912 में स्वर्गीय दुखी धोबी द्वारा शुरू की गई थी, जो आज भी उनके वंशज पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। परिवार के सदस्यों रामप्रसाद धोबी, रामेश्वर राम, संजय राम सहित अन्य लोगों ने बताया कि उनके परदादा को लंबे समय तक संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ था। इसके बाद उन्होंने गांव के इमामबाड़ा में हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन की याद में मन्नत मांगी थी। परिवार के अनुसार, दुआ के लगभग एक वर्ष बाद उन्हें संतान की प्राप्ति हुई। मन्नत पूरी होने की खुशी में उन्होंने ताजिया बनाने और मुहर्...