बांदा, अप्रैल 1 -- बांदा। जिले के कमासिन गांव में एक अप्रैल 1911 को जन्मे कवि केदारनाथ अग्रवाल की जयंती पर बुधवार को जिला न्यायालय परिसर में लगी उनकी प्रतिमा पर साहित्य प्रेमियों, अधिवक्ताओं ने माल्यार्पण कर उनके व्यक्तित्व पर चर्चा की। सुधीर सिंह ने कहा कि केदारनाथ प्रकृति, मानवता और संघर्ष के कवि थे। कविता उन्हें विरासत में पिता हनुमान प्रसाद अग्रवाल से मिली थी।उन्होंने कहा कि समय के साथ केदार जी का लेखन निरंतर अधिक प्रासंगिक हो रहा है। उनके साहित्य पर शोध और अध्ययन का लगातार प्रसार हुआ है जैसा उनके जीवनकाल में भी नहीं था। लेखक गोपाल गोयल ने कहा कि वो उनकी षष्टीपूर्ति पर 1982 में जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में सहभागी रहे, जिसका आयोजन हरिशंकर परसाई ने किया था। इसमें मुल्कराज आनंद जैसे लोगों ने भी भाग लिया था। अनिल शर्मा ने बताया कि हमार...
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