साहिबगंज, अप्रैल 9 -- साहिबगंज(रमेश)। सन् 1855 के हूल विद्रोह के महानायक सिदो-कान्हू मुर्मू की जयंती पर शुक्रवार से दो दिवसीय कार्यक्रम बरहेट के पचकठिया में शुरू हो रहा है। मौके पर झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार समेत अन्य जगहों से काफी संख्या में विदिन समाज के लोग वहां जुटेंगे। मौके पर कई राज्यों से संथाल आदिवासी भोगनाडीह पहुंच अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दरअसल, सन् 1827 में बरहेट के भोगनाडीह गांव में चुनू मुर्मू के घर जुड़वा पुत्र के रूप में सिदो व कान्हू का जन्म हुआ था। अंग्रेजी शासनकाल में युवा होते दोनों भाइयों ने विदेशी शासन के दमन व शोषण को करीब से देखा था। इस वजह से दोनों भाई संथालों की पारंपरिक बैठकों में लगातार शामिल होते थे। उस समय अंग्रेजों के समर्थक जमींदार और महाजनों का शोषण चरम पर ...
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