गंगापार, अप्रैल 8 -- करछना क्षेत्र के नौगवां गांव के एक दिव्यांग किशोर की जिंदगी में नई रोशनी तब आई, जब उसे नि:शुल्क कृत्रिम पैर लगवाया गया। वर्षों से शारीरिक चुनौतियों से जूझ रहे शंकर अब अपने पैरों पर खड़े होकर चलने लगा है। इस बदलाव से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव में खुशी का माहौल है। 17 वर्षीय शंकर पुत्र ब्रजेश कुशवाहा जन्म से ही एक पैर और दोनों हाथों से दिव्यांग है। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और प्राइमरी स्कूल नौगवां से कक्षा आठ तक की पढ़ाई पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद वह हिंदी और अंग्रेजी पढ़ने-लिखने में सक्षम है और अपने दैनिक कार्य भी स्वयं करते हैं। उनके माता-पिता ब्रजेश कुशवाहा और सुनीत कुशवाहा हमेशा उनका हौसला बढ़ाते रहे। इसी बीच स्थानीय युवक अनुज प्रजापति ने शंकर के संघर्ष का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कि...
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