नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- जम्मू-कश्मीर में स्थानीय भर्ती लगभग थमी - जंगलों में बढ़ी घेराबंदी और तकनीक बना नया हथियारनई दिल्ली। विशेष संवाददाताजम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की रणनीति में व्यापक और निर्णायक बदलाव देखने को मिले हैं। बदलते हालात के अनुरूप अब सुरक्षा एजेंसियों ने अपने ऑपरेशन का फोकस शहरी इलाकों से हटाकर जंगलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों की ओर केंद्रित कर दिया है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो सुरक्षा दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। एक अधिकारी ने कहा स्थानीय आतंकी न के बराबर हैं इक्का दुक्का भर्तियों की सूचना पर भी तुरंत नकेल कसी जाती है । हालांकि विदेशी आतंकियों की संख्या अभी भी 65 के आसपास है ।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार...