मिर्जापुर, मई 8 -- मिर्जापुर,संवाददाता। सात दशक तक शहर के सफर पर नजर डालें तो आज मिर्जापुर शहर का पूरा नक्श ही बदल गया है। पहले बगीचों और जंगलों से हरा-भरा शहर था,लेकिन कब कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो गया यह सहसा ही किसी को अहसास होगा। शहर के उत्तरी जमुनहिया से लेकर पश्चिमी छोर शिवपुर,दक्षिण लोहंदी पूर्व कजरहवा,पुलिस लाइन के दायरे में मिर्जापुर शहर बसा था। यह भी पढ़ें- सड़क, सफाई और प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने पर जोर, कई मार्गों के नाम बदले गएविकास और बदलाव साथ ही नगर के घंटाघर,पक्कीसराय,वासलीगंज,बुंदेलखंडी,लालडिग्गी और मकरीखोह के हार्ट ऑफ सिटी के रूप में पहचान थी। तब नगर 12 वार्डों में विभाजित था। बाग बगीचों के शहर में पूरे सुकून की जिंदगी थी,लेकिन समय के साथ आए बदलाव में आधुनिक नौकरी-चाकरी,रोजगार में वृद्धि के साथ कालोनियों ने भी आकार ले...
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