जमुई, मई 4 -- जमुई, निज संवाददाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प के बीच जमुई जिले का जिला यक्ष्मा केंद्र खुद 'बीमार' और उपेक्षित स्थिति में है। सदर अस्पताल परिसर के दक्षिणी छोर पर स्थित यह भवन इतना जर्जर हो चुका है कि यहाँ इलाज के लिए आने वाले मरीज और कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका में रहते हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि जब इलाज का केंद्र ही जर्जर और असुरक्षित होगा, तो टीबी मुक्त भारत का सपना धरातल पर कैसे उतरेगा। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कई बार मरम्मत के लिए पत्र लिखे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है。

भवन की दयनीय स्थिति : सदर अस्पताल के इस टीबी वार्ड के भवन की छत और दीवारें इतनी पुरानी और कमजोर हो चुकी हैं कि यहाँ से प्लास्टर गिरना एक आम बात ह...