भागलपुर, दिसम्बर 10 -- जमुई। हर वर्ष 10 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। 10 दिसंबर 1948 में यूएन द्वारा मानवाधिकार की सार्वभौमिक घोषणा हुई थी और वैश्विक स्तर पर लागू किया गया था जिसका मुख्य उद्देश्य मानव अधिकारों की रक्षा करना है। इसपर केकेएम कॉलेज के स्नातकोत्तर, अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. गौरी शंकर पासवान एवं राजनीतिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. देवेंद्र कुमार गोयल ने संयुक्त रूप से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मानवाधिकार का अर्थ मानव के अधिकारों से है। मानवाधिकार ऐसे अधिकार हैं, जिसके बिना इंसान ना तो अपने अस्तित्व को बचा सकता है और ना तो अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकता है। डॉ.(प्रो.) गौरी शंकर पासवान* ने कहा कि भ्रूण हत्या और फांसी मानवाधिकार का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है। युद्ध में तो मानवाधिकार का और ज्...
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