जमुई: हिंदी साहित्य के छायावादी युग के प्रमुख स्तंभ थे सुमित्रानंदन पंत
भागलपुर, मई 20 -- जमुई से मनोज तिवारी की रिपोर्ट जमुई। हिंदी साहित्य के उद्भट्ट विद्वान, छायावाद के स्वर्ण स्तंभ व पद्म भूषण से सम्मानित (1961) सुमित्रानंदन पंत की 126वीं जयंती पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर एक परिचर्चा नगर परिषद स्थित आनंद विहार कॉलोनी सिरचंद नवादा में की गई,जिसकी अध्यक्षता डॉ. (प्रो.) गौरी शंकर पासवान ने की. यह भी पढ़ें- जयंती पर प्रतियोगिता का आयोजनसुमित्रानंदन पंत की महत्ता अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ.पासवान ने कहा कि पद्म भूषण से विभूषित सुमित्रानंदन पंत प्रकृति का महान चितेरा थे। वे शब्दों के सुरम्य चित्रकार, छायावाद के स्वर्ण स्तंभ और साहित्याकाश के चंद्र थे। वे अपने शब्दों से ऐसे दृश्य रचते थे, कि पाठक के मन मस्तिष्क में प्रकृति और भावनाओं का सुंदर चित्र सामने आ जाता है। पंत जी ने पर्वत, नदी, फूल, बादल और वन क...
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