जमुई: बच्चों के शव को कंधा पर ढ़ोने को मजबूर परिजन, नहीं मिली 'व्यवस्था' की मदद
भागलपुर, अगस्त 24 -- बरहट से सुधांशु की रिपोर्ट किऊल-जसीडीह रेलखंड पर ट्रेन की चपेट में आने से भाई-बहन की मौत के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने सरकारी व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। हादसे में दो मासूमों की जान चली गई, लेकिन मौत के बाद उनके शवों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए भी जिला प्रशासन की ओर से कोई नहीं थी। घटना के बाद शव ले जाने के लिए न एंबुलेंस मिली, न शव वाहन और न ही कोई अन्य सरकारी वाहन उपलब्ध कराया गया। घटना की सूचना मिलने पर मलयपुर थाने की पुलिस चौकीदार के साथ घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लिया। यह भी पढ़ें- Bhagalpur News: जमुई: ट्रेन से गिरकर सगे भाई-बहन की मौत, मां का रो रोकर बुरा हाल पोस्टमार्टम के लिए शवों को सदर अस्पताल भेजा जाना था। हालात ऐसे बने कि जिन परिजनों ने कुछ देर पहले अपने ब...
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