भागलपुर, अप्रैल 26 -- चंद्रमंडीह से निर्मल कुमार वत्स की रिपोर्ट समाज एवं ब्रह्मांड में जो संतुलन स्थापित कर दे वही संत है उक्त बातें चकाई प्रखंड के महारायडीह में आयोजित रूद्र महायज्ञ के छठे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए चित्रकूट से पधारे जगतगुरु रामानंद रामस्वरूप आचार्य जी महाराज ने कही उन्होंने कहा कि बाली वध के दौरान स्वयं भगवान श्री राम ने कहा सम्मुख होहीं जीव जब मोही जन्म कोटि अघ नासही तबही अर्थात जब भी कोई भक्त या श्रद्धालु भगवान के सम्मुख उपस्थित हो जाता है उसके कोटि-कोटि जन्म के पाप का नाश हो जाता है और इसके निरंतर अभ्यास से उसके जीवन में पुण्य का उदय हो जाता है। यह भी पढ़ें- निर्मल एवं स्वच्छ मन वाले भक्त को प्राप्त होते है भगवान इसके दर्जनों दृष्टांत हमारे ग्रंथो में है कि बड़े से बड़े पापी भी जब अपने पाप कर्म से विमुख होक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.