भागलपुर, जनवरी 8 -- जमुई। जमुई जिले में एग्री स्टैक परियोजना के तहत चल रही किसान निबंधन की कछुआ चाल ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। जिले में जहां एक ओर किसानों का ई केवाईसी पूरा हो चुका है, वहीं दूसरी ओर सर्वर व सिस्टम की सुस्ती के कारण जिले के काफी कम किसानों का ही बकेट क्लेम और सत्यापन हो सका। बताया जाता है। प्रशासन ने छह से नौ जनवरी तक मिशन मोड में हल्कावार कैंप लगाने का रोस्टर तो जारी कर दिया है, लेकिन किसान परेशान हैं। कैंपों में किसानों से आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और भूमि संबंधी जमाबंदी के कागजात मांगे जा रहे हैं। किसानों की मुख्य आपत्ति यह है कि जब उनका ई केवाईसी पहले ही हो चुका है, तो बार-बार कैंप के चक्कर क्यों लगवाए जा रहे हैं? कई जगह सर्वर की सुस्ती और राजस्व कर्मियों की अनुपलब्धता से भी किसानों में गहरा रोष है। कई बुजुर्ग ...
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