भागलपुर, मार्च 15 -- जमुई:-विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर केकेएम कॉलेज के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरी शंकर पासवान ने कहा कि दुनिया का प्रत्येक मनुष्य उपभोक्ता है। जब कोई व्यक्ति किसी वस्तु के लिए मूल्य चुकाता है, तो वह उपभोक्ता कहलाता है। कभी-कभी दुकानदार हमें खराब सामान दे देता है अथवा वस्तु का ज्यादा मूल्य लेता ले है, तो हम ठगा सा महसूस करते हैं। भारत सरकार ने सन 1986 में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ही उपभोक्ता रक्षा अधिनियम बनाया है। जिसके तहत हमें उपभोक्ता न्यायालय से न्याय मिल सकता है। देश में लगभग सभी जिलों में उपभोक्ता अदालतें हैं जो उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए ही हैं। प्रो. पासवान ने कहा कि उपभोक्ता अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु होता है. बाजार उसकी आवश्यकता से ही संचालित होता है। जागरूक उपभोक्ता...