गिरडीह, अप्रैल 23 -- जमुआ, प्रतिनिधि। जमुआ प्रखंड में कृषि व्यवस्था की रीढ़ माने जानेवाले कृषक मित्रों की संख्या लगातार घटती जा रही है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई पंचायतें पूरी तरह कृषक मित्र विहीन हो गई हैं। निर्धारित प्रावधान में हर दो राजस्व ग्राम पर एक कृषक मित्र रहना है। बावजूद 152 स्वीकृत पदों के मुकाबले महज 52 ही सक्रिय रह गए हैं। इससे किसानों को मिलने वाली तकनीकी सहायता और योजनाओं का क्रियान्वयन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रखंड के तारा, जगन्नाथडीह, लताकी, मघाकला, धोथो और खरगडीहा पंचायतों में एक भी कृषक मित्र कार्यरत नहीं है वहीं शाली, धुरेता, पालमो, नवडीहा, करीहारी, केंदुआ, धुरगड़गी और हरला पंचायतों में केवल एक-एक कृषक मित्र के भरोसे कृषि कार्य चल रहा है। ऐसे में हजारों किसानों तक समय पर जानकारी और सहायता पहुंचाना मुश्क...