गिरडीह, अप्रैल 26 -- जमुआ, प्रतिनिधि। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच इन दिनों सिरसिया गांव के जंगलों में गरीबों का किशमिश अर्थात महुआ की मिठास घुली हुई है। इस वर्ष महुआ की बंपर पैदावार से ग्रामीणों और किसानों के चेहरे खिल गए हैं। महुआ न केवल ग्रामीणों की आजीविका का साधन है, बल्कि इसे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। महुआ चुनने का जुनून इस कदर हावी है कि ग्रामीण आधी रात में ही टोकरी और टॉर्च लेकर जंगलों की ओर कूच कर रहे हैं। भोर होने तक पेड़ों के नीचे ग्रामीण महुआ चुनने में व्यस्त रहते हैं। बच्चे हो या बुजुर्ग हर कोई इस किशमिश को सहजने में जुटा है। यह भी पढ़ें- प्रचंड धूप और भीषण गर्मी में ईमली गांव में लहलहाता गेंदा फूल की खेती बढ़ा रहा है आय ग्रामीणों का कहना है कि इस बार महुआ का फूल काफी स्वस्थ्य है और भारी मात...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.