नई दिल्ली, जून 9 -- यूपी में जमीन-मकान की खरीद-फरोख्त पर नजर रखी जा रही है। आयकार की नजर है। बागपत में बीते वर्षों में मिली खामियों और सर्वे की कार्रवाई के बाद आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही रजिस्ट्री कार्यालयों के रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू कर दी है। टीडीएस देयता, रजिस्ट्री संबंधी विवरण और वित्तीय लेनदेन के ब्योरे में दर्ज प्रविष्टियों की बारीकी से जांच की जा रही है। आयकर विभाग की आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण इकाई के अधिकारी हर पहलू की समीक्षा कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर वर्तमान अवधि तक के रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, जमीन के बैनामे के समय संपत्ति के मूल्य के आधार पर टीडीएस देयता निर्धारित होती है। इसके लिए पैन कार्ड नंबर दर्ज कराना अनिवार्य है। हालांकि जांच में सामने आया कि कई मामलों में...