सीवान, जनवरी 6 -- सीवान। सीवान जिले के कई हिस्सों में डिजिटल इंडिया के दावों के बावजूद जमीन के रिकॉर्ड में भारी अव्यवस्था है। कर्मचारियों की कमी व उदासीनता से राजस्व अभियान धीमा है। जमीन किसी और की, लेकिन ऑनलाइन रिकॉर्ड में नाम किसी और का आना, ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन के बाद भी समाधान में देरी हो रही है। बताया जा रहा कि सिसवन जैसे प्रखंडों में राजस्व महाअभियान के बावजूद, लगभग 16,000 जमाबंदी पंजी अभी भी वितरित नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि जमाबंदी मामले में कर्मियों की शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही, खासकर खतियानी जमीन पर कब्जे के मामले। लिहाजा, लोगों को ऑनलाइन सुधार का विकल्प होने के बावजूद, जमीनी स्तर पर लापरवाही के कारण सही जानकारी नहीं मिल रही है।
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