जमानत पर 2 महीने में फैसला करें, नहीं तो जज कारण बताएं; हाईकोर्ट से बेल पर SOP जारी
पटना, अक्टूबर 23 -- पटना, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। बिहार की अदालतों में आपराधिक मामलों की जमानत याचिका की सुनवाई में अब बेवजह देरी नहीं होगी। राज्य की सभी अदालतों को 2 महीने के भीतर जमानत याचिका और अग्रिम जमानत की अर्जी का निष्पादन करना होगा। अगर इस समयसीमा के भीतर बेल पर फैसला नहीं दिया गया, तो जज को इसका उचित कारण बताना होगा। इस संबंध में पटना हाईकोर्ट ने बिहार के सभी सिविल कोर्ट को एसओपी (दिशानिर्देश) जारी कर दी है। पटना हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बुधवार को जमानत अर्जी निष्पादन के लिए सिविल कोर्ट को 11 बिंदुओ पर एसओपी जारी की। इसमें सिविल कोर्ट के प्रधान जिला न्यायाधीश, लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक, जिला अभियोजन पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक (एसपी), जिलाधिकारी (डीएम) और स्वास्थ विभाग के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।व्यक्तिगत स...
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