जमशेदपुर, अप्रैल 20 -- क्या आज के दौर में यह कल्पना करना संभव है कि मात्र दो पैसे में भरपेट पूरी-सब्जी और जलेबी मिल सकती है? सुनने में यह किसी परीकथा जैसा लगता है, लेकिन 1950 के दशक की यही वास्तविकता आज के बच्चों के लिए कौतूहल का विषय बन गई। मौका था जमशेदपुर सिक्का संग्रहालय में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी का, जहाँ सिदगोड़ा एग्रिको स्थित एस.डी.एस.एम. स्कूल फॉर एक्सीलेंस के कक्षा सात के 90 विद्यार्थियों ने इतिहास के पन्नों को सिक्कों के जरिए करीब से देखा।संग्रहालय के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के साथ उनके शिक्षक रेनू सिंह, एकता और विजय भूषण भी मौजूद रहे। यह भी पढ़ें- -आधार बना सात हजार बच्चों के दाखिले में रोड़ा इस शैक्षणिक कार्यशाला के माध्यम से बच्चों ने न केवल एक पैसे से लेकर एक हजार रुपये तक के सिक्कों का अवलोकन किया, बल्कि अपनी पाठ्यपु...