जमशेदपुर, जनवरी 29 -- झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में जमशेदपुर में अवैध निर्माण मामले में कोर्ट के आदेश के खिलाफ दाखिल कई याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी की याचिका खारिज करते हुए कड़ी फटकार लगाई। अब कोर्ट ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए आखिरी तारीख दे दी है। अदालत ने कहा कि अवैध निर्माण करने वाला कोई भी व्यक्ति कोर्ट में याचिका दाखिल करता है तो उसपर जुर्माना लगाया जाएगा। किसी ने ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया है, जिससे यह पता चल सके कि उन्होंने नियमानुसार निर्माण किया है। अवैध निर्माण को बचाने का अधिकार क्यों चाहिए। इसके चलते किसी को पानी और किसी को सूर्य की रोशनी नहीं मिली रही है। ईमानदारी से जीने वाले और कानून का पालन करने वाले लोगों का जीवन बर्बाद कर दिया गया ...
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