जब सिस्टम हार गया, मल्लाहों ने संभाली मोर्चे की कमान
औरैया, जून 6 -- फफूंद, संवाददाता। पसईपुर तालाब में युवक के डूबने की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन संसाधनों की कमी को उजागर कर दिया। युवक के पानी में डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस मौके पर पहुंच गई, लेकिन घंटों तक चले प्रयासों के बावजूद शव नहीं मिल सका। अंतत: स्थानीय मल्लाहों के अनुभव और पारंपरिक संसाधनों के सहारे युवक का शव बाहर निकाला जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों से निपटने के लिए आधुनिक रेस्क्यू उपकरण, गोताखोर या प्रशिक्षित जल बचाव दल उपलब्ध होते तो तलाश अभियान अधिक प्रभावी हो सकता था। यह भी पढ़ें- तालाब में समा गई दिनेश की जिंदगी, घंटों बाद मिला शव मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार फायर सर्विस की टीम ने कांटे के सहारे खोजबीन की, लेकिन तालाब की गहराई और दलदल के कारण सफलता नहीं मिली। बाद...
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