मेरठ, अप्रैल 26 -- नेतृत्व में क्षमता होनी चाहिए। यदि मुद्दा सही है तो समाधान होना ही चाहिए चाहे जो स्थिति हो। कर्मचारी संगठन की ताकत कम हो गई है। अब उनमें पहले जैसी शक्ति नहीं बची। जब आउटसोर्स एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी रखे गए तो संगठन चुप रहे। आज संगठन कोई नोटिस देता है, विभाग एवं सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ता। उसे पता है कि काम तो दैनिक और आउटसोर्स कर्मचारी कर देगा। मंत्री जानते हैं कि नेतृत्व कागजों पर चल रहा है जमीन पर नहीं। जिस दिन संगठन में दिल्ली का रामलीला ग्राउंड भरने की ताकत आ जाएगी, आपकी आवाज भी सुनी जाएगी। यह भी पढ़ें- ईमानदारी के साथ कार्य करने का किया अह्वान सीसीएसयू कैंपस स्थित अटल सभागार में उप्र राज्य विवि कर्मचारी महासंघ के आठवें प्रांतीय अधिवेशन में यह बात दिल्ली विवि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने कही। उन्ह...
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