जब महबूब की याद सताए, पढ़ें जौन एलिया के 20 दर्दभरे शेर, हर अल्फाज में है जुदाई की कसक
नई दिल्ली, नवम्बर 1 -- दिल टूटने का दर्द सबसे गहरा होता है, जिसकी आवाज भले ही सुनाई न दे, लेकिन तकलीफ दिल में बहुत दूर तक महसूस होती है। किसी की याद में आंखें नम हों या जुदाई का दर्द सताए, ऐसे में कई बार शेर-ओ-शायरी दिल का बोझ हल्का कर देती है। अगर आप भी अल्फाजों में अपने जज्बात तलाशते हैं, तो पेश हैं जौन एलिया के कुछ खूबसूरत और दर्दभरे शेर, जो मोहब्बत, तन्हाई और बिछड़ने की कसक को बयां करते हैं।जौन एलिया के 20 शेर- 1. ये वार कर गया है पहलू से कौन मुझ पर था मैं ही दाएँ बाएँ और मैं ही दरमियां था 2. अब तो उस के बारे में तुम जो चाहो वो कह डालो वो अंगड़ाई मेरे कमरे तक तो बड़ी रूहानी थी 3. आज बहुत दिन ब'अद मैं अपने कमरे तक आ निकला था जूं ही दरवाज़ा खोला है उस की ख़ुश्बू आई है 4. हर शख़्स से बे-नियाज़ हो जा फिर सब से ये कह कि मैं ख़ुदा हूं 5. अब...
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