जब भगवान राम के लिए महर्षि सिंगारु ने किया था पुण्य का त्याग, पढ़ें पौराणिक कथा
डॉ. एम. आर. राजेश्वरी, जुलाई 7 -- लंकाधीश, असुरपति रावण को मारने के बाद भगवान राम लंका से अयोध्या वापिस लौटकर आए। महर्षि वसिष्ठ ने राम को सुझाव दिया कि वे किसी व्यक्ति को तिल का दान दें, क्योंकि उन्होंने रावण के साथ युद्ध में सैकडों व्यक्तियों को मारा था। तिल दान में लेने वाले व्यक्ति को चूंकि दान के परिणामों को झेलना पड़ेगा, इसलिए कोई भी व्यक्ति तिल को दान के रूप में लेने को तैयार नहीं था। महर्षि वसिष्ठ ने राम से तिल के साथ सोने को भी दान में देने के लिए कहा।सिंगारु नाम के एक निर्धन महर्षि ऐसी भेंट लेने के लिए राज्य में घोषणा की गई। सिंगारु नाम के एक निर्धन महर्षि अयोध्या में रहते थे। सिंगारु की पत्नी ने घोषणा को सुनकर अपने पति से भेंट स्वीकारने का सुझाव दिया और कहा- 'हम बहुत गरीब हैं। उस भेंट को लेने पर जो परिणाम मिलते हैं, वे आपके आध्य...
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