जब चावल है तो व्रत में क्यों खाते हैं समा या समक? फलाहारी होने का ये है कारण
नई दिल्ली, अगस्त 2 -- व्रत में फलाहारी खाने का विधान है। जिसमे ज्यादातर फल-सब्जियां आती हैं और अनाज को पूरी तरह से निषेध माना जाता है। जब गेंहू, चावल, दाल को व्रत में खाने से मना किया गया है तो आखिर समा या समक के चावल को व्रत में क्यों खाते हैं। सफेद, मोटे दाने जैसे दिखने वाले इन चावलों को लोग व्रत में खाते हैं और फलाहारी चावल बोलते हैं। कई बार आपके मन में भी ये सवाल आया होगा ना? तो इसी सवाल का जवाब खोजने की कोशिश हमने की और पाया कि समा या समक कोई चावल नहीं बल्कि एक अनाज का 'बीज' है। जानें क्या है समा या समक के चावलक्या है समा या समक और क्यों व्रत में खाते हैं? जिस समा के चावल या समक के चावल को व्रत में खाने की सलाह दी जाती है। दरअसल, वो कोई चावल की वैराइटी नही हैं। बल्कि ये एक तरह का मोटा अनाज है और अगर पूरी तरह डिटेल में जाएं तो ये एक ज...
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