नई दिल्ली, फरवरी 23 -- साल 1998 में आई फिल्म 'सत्या' उस दौर की आइकॉनिक हिट थी। राम गोपाल वर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म का गाना 'गोली मार भेजे में' आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में जगह बनाए हुए है, लेकिन क्या आपको पता है कि इस मूवी और गाने की शूटिंग के दौरान एक बड़ा मजेदार किस्सा हुआ था। फिल्म 'गोली मार भेजे में' के बोल लिखे थे उस दौर के दिग्गज लिरिक्स राइटर गुलजार साहब ने। शूटिंग के दौरान पहले गुलजार साहब ने अलग बोल सुझाए थे, लेकिन फिर बाद में इन्हें बदल दिया। हुआ यह कि दिग्गज फिल्म डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा और विशाल भारद्वाज को पिछले वाले बोल ज्यादा पसंद आ रहे थे, जो गुलजार साहब ने पहले सुझाए थे।जब अनुराग को बनाया गया बलि का बकरा अब दिक्कत यह थी कि जाकर गुलजार साहब से यह कहना था कि वो इन नए बोल की जगह पुराने वाले बोल ही रखें। मगर राम गो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.