गोरखपुर, जून 13 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नवजात की जटिल सर्जरी की गई। जन्मजात विकृति से जूझ रहे शिशु की आहार नाल (इसोफेगस) विकसित नहीं हुई थी। वह दूध नहीं पी रहा था। उसके मुंह से लार निकल रही थी। नेहरू अस्पताल में पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. रेनू कुशवाहा ने बीमारी की पहचान कर ऑपरेशन किया, जिसके बाद नवजात स्वस्थ हो रहा है। डॉ. रेनू कुशवाहा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में जन्मे नवजात की स्थिति सामान्य नहीं थी। जन्म के बाद हुई जांच रिपोर्ट में सामने आया कि बच्चे की आहार नाल का ऊपरी हिस्सा जन्म से ही विकसित नहीं हुआ था। यह भी पढ़ें- जन्म के साथ मिली चुनौती, लेकिन उम्मीद ने नहीं छोड़ा साथ आहार नाल का निचला हिस्सा सांस की नली (ट्रेकिया) से जुड़ा था। आहार नाल का एक हिस्सा खून की नली के पीछे छिपी हुई थी। इससे सर्जरी और अधिक जटि...