झुंझुनूं, अप्रैल 3 -- राजस्थान के झुंझुनूं से आई यह कहानी सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि इंसानियत, किस्मत और ममत्व का ऐसा संगम है जो हर किसी को अंदर तक छू जाता है। एक ऐसा मासूम, जिसे जन्म के कुछ ही पलों बाद अपनों ने छोड़ दिया. आज वही बच्चा सात समंदर पार एक नए परिवार की गोद में सुरक्षित है। लेकिन इस सफर में जितना दर्द है, उतना ही सस्पेंस और उम्मीद भी छुपी है।दिल में छेद और प्री-मैच्योर जन्म, डॉक्टरों ने भी जताई थी कम उम्मीद करीब डेढ़ साल पहले झुंझुनूं के गवर्नमेंट बीडीके अस्पताल के पालना गृह में एक नवजात मिला। रात के सन्नाटे में कोई उसे चुपचाप छोड़ गया था। जब स्टाफ ने उसे देखा तो स्थिति बेहद गंभीर थी प्री-मैच्योर जन्म, कमजोर शरीर और सबसे बड़ी बात, दिल में छेद। डॉक्टरों ने भी उस वक्त उम्मीद बहुत कम जताई थी। सवाल यह था क्या यह बच्चा जिंदगी की पहली...
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