किशनगंज, सितम्बर 7 -- किशनगंज। नवजात के जन्म के साथ ही परिवार की खुशियां शुरू हो जाती हैं, लेकिन बच्चे के जीवन के शुरुआती कुछ सप्ताह बेहद संवेदनशील होते हैं। इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी नवजात के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में जिले में आशा कार्यकर्ता केवल स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी पहुंचाने वाली कड़ी नहीं, बल्कि नवजात और उसके परिवार के बीच भरोसे का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर काम कर रही हैं। बच्चे के जन्म के बाद घर-घर पहुंचकर वे उसकी सेहत की निगरानी करने के साथ मां और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित नवजात देखभाल के जरूरी तरीके समझा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के एचबीएनसी यानी गृह आधारित नवजात देखभाल कार्यक्रम के तहत नवजात के जीवन के शुरुआती 42 दिनों को विशेष महत्व दिया जाता है। आशा कार्यकर्ता निर्धारित गृह भ्रमण के दौरान बच्चे के स्तनपान, सा...