जन्म के बाद बच्चा सीडब्ल्यूसी को सौंपने की अनुमति मिली
नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- केरल उच्च न्यायालय ने दंपत्ति को यह अनुमति दी है कि वे बच्चे के जन्म के बाद उसे सीडब्ल्यूसी को सौंप सकते हैं। उनके होने वाले बच्चे को 'स्केलेटल डिस्प्लेसिया' है। यह हड्डियों और कार्टिलेज के विकास को प्रभावित करने वाली एक दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति है। जस्टिस हरिशंकर वी. मेनन ने कहा कि चूंकि दंपति जन्म के बाद बच्चे को अपने पास नहीं रखना चाहते, इसलिए गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की कोई जरूरत नहीं है। इसके बजाय बच्चे को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंपा जा सकता है। दंपति ने 33 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट द्वारा गठित एक मेडिकल बोर्ड ने ऐसा न करने की सलाह दी।बोर्ड ने बताया कि भ्रूण को 'स्केलेटल डिस्प्लेसिया' ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.