जन्म के बाद करीब 15 फीसदी में होती सांस लेने से जुड़ी दिककत
लखनऊ, मई 10 -- एनएचएम और स्वास्थ्य विभाग ने नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम के सहयोग से रविवार को नियोनेटल रेससिटेशन प्रोग्राम (एनआरपी) के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। अपर निदेशक, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) डॉ. अजय गुप्ता, एनएचएम के महाप्रबंधक (बाल स्वास्थ्य) डॉ. मिलिंद वर्धन व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान ने रविवार को वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) में कार्यक्रम का उदघाटन किया। डॉ. मिलिंद वर्धन ने कहा कि जन्म के बाद लगभग 10 से 15 प्रतिशत नवजातों को सांस लेने में कठिनाई आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि जन्म के पहले एक मिनट के भीतर सही उपचार से नवजात मृत्यु के साथ संभावित शारीरिक एवं मानसिक दिव्यांगता को रोका जा सकता है।उन्होंने यह भी पढ़ें- नवजातों को सुरक्षित जीवन देने की दिशा में प्रशिक्षण आयोजित बताया कि 75 जिलो...
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