नई दिल्ली, जनवरी 4 -- आमतौर पर परिवार में जब कोई बच्चा पैदा होता है तो घर के सभी सदस्य उसकी गुलाबी उजली रंगत देखकर निहाल हो जाते हैं। लेकिन कई बार जन्म के कुछ हफ्ते बाद ही बच्चे का गुलाबी रंग धीरे-धीरे सांवला या काला पड़ने लगता है। पड़ोसी-रिश्तेदार जब बच्चे के रंग पर सवाल उठाते हैं तो पेरेंट्स बुरा महसूस करने लगते हैं। जिसके बाद बच्चे की नाजुक त्वचा पर हल्दी, चंदन और आटा लगाने जैसे कई एक्सपेरिमेंट किए जाते हैं। जो बच्चे की त्वचा को और ज्यादा रूखा और काला बना देते हैं। अगर आप भी अपने बच्चे के अचानक बदलते रंग से परेशान हो रहे हैं और इसके पीछे छिपा वास्तविक कारण जानना चाहते हैं तो टेंशन छोड़िए, फेमस बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा ने बच्चों के बदलते रंग के पीछे छिपे 3 वैज्ञानिक कारणों के बारे में जानकारी दी है। डॉ. अनुराधा ने अपने इंस्टाग्राम प...
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