हल्द्वानी, सितम्बर 5 -- हल्द्वानी। आर्य समाज हल्द्वानी में आयोजित श्रावणी उपाकर्म एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में वैदिक प्रवक्ता आचार्य चन्द्रदेव ने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ मनुष्य का मानसिक और आत्मिक विकास है। केवल सुख-सुविधाओं के साधनों का विस्तार ही पूर्ण विकास नहीं है। उन्होंने कहा कि योगेश्वर श्रीकृष्ण ने गीता का संदेश केवल अर्जुन के लिए नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए दिया था। कार्यक्रम में उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के सचिव प्रो. विनय विद्यालंकार ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महापुरुषों के जन्मदिवस उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर हैं। उन्होंने कहा कि सच्चा नेतृत्व वही है जो समाज को सही दिशा प्रदान करे। यह भी पढ़ें- अखिल गढ़वाल सभा में श्रद्धा और उल्लास से मनाई जन्माष्टमी राम और श्रीकृष्...