जन्माष्टमी पर द्वापर युग जैसे दो संयोग, कई एकादशी व्रत के फल के बराबर जन्माष्टमी व्रत
नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस साल चार सितंबर को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान का प्रिय नक्षत्र भी लग रहा है और चंद्रमा की स्थिति भी वैसी ही हैजैसी द्वापर युग में थी। इसके अलावा इस साल 4 सितंबर को क्या योग बन रहे हैं, इसके बारे में आप यहां जानकारी ले सकते हैं। इनके जन्म की बात की जाए तो आपको बता दें कि श्रीकृष्ण का जन्म लगभग 5000 वर्ष पूर्व मथुरा में भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी को हुआ था। उस दिन बुधवार और तिथि में वृष राशि के चंद्रमा और रोहिणी नक्षत्र भी विद्यमान थे।जन्माष्टमी पर कैसे करें पूजा जन्माष्टमी व्रत में इन राधे राधे और कान्हा के नामों का स्मरण करना चाहिए। सबसे पहले इस दिन नहाएं और फिर पीले वस्त्र पहनें, सुबह उठें और फिर भगवान के सामने व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान को रात को खीरे में रखें, इसके बाद निकाल चांदी...
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