किशनगंज, अगस्त 3 -- किशनगंज, निज संवाददाता। जन्मजात हृदय रोग (कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज) बच्चों में होने वाली सबसे गंभीर जन्मजात बीमारियों में से एक है। समय पर इसकी पहचान और उपचार नहीं होने पर यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के साथ उनके जीवन के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकता है। इसी चुनौती को देखते हुए बिहार सरकार ने यह सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की है कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे के उपचार में बाधा न बने। बाल हृदय योजना इसी जनकल्याणकारी सोच का परिणाम है, जिसके माध्यम से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान से लेकर विशेषज्ञ अस्पतालों में नि:शुल्क जांच, ऑपरेशन, दवा, भर्ती, परिवहन और उपचारोपरांत फॉलो-अप तक की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। यह योजना केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को स...