किशनगंज, मई 22 -- किशनगंज। जन्मजात हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारी अक्सर गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन जाती है। महंगे इलाज और बड़े अस्पतालों तक पहुंच की कठिनाई के कारण कई बच्चे समय पर उपचार से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) एवं बाल हृदय योजना जिले के जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। यह भी पढ़ें- जन्मजात हृदय रोग पीड़ित दो बच्चों को मुफ्त इलाज के लिए पटना भेजाउपचार की प्रक्रिया इस योजना के तहत बच्चों की प्रारंभिक जांच, पहचान, रेफरल से लेकर बड़े अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार तक की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गंभीर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को नया जीवन मिल रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित दो मरीजों अल्फिया नाज़ एवं योगेश कुमार गणेश (दिघलबैंक प्र...