रांची, जुलाई 6 -- रांची, संवाददाता। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश शरद चंद्र सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने उस रिव्यू याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें जनहित याचिका को न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए खारिज किए जाने तथा 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के पूर्व आदेश पर पुनर्विचार का आग्रह किया गया था। खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि केवल हाईकोर्ट की रजिस्ट्री द्वारा पीआईएल नियमों के तहत औपचारिक जांच कर लेने मात्र से यह नहीं माना जा सकता कि न्यायालय ने याचिकाकर्ता की साख या उसकी मंशा को न्यायिक रूप से स्वीकार कर लिया है। अदालत ने कहा कि कई मामलों में पेशेवर मुकदमेबाज जनहित याचिका की आड़ लेकर न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हैं और ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाना आवश्यक है। प्रार्थी शिव शंकर शर्मा की ओर से दायर सिविल र...