रुद्रपुर, अप्रैल 15 -- शांतिपुरी। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी ललित कांडपाल ने कहा कि जनसंख्या आधारित परिसीमन उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य का गठन पर्वतीय क्षेत्रों के संतुलित विकास और भौगोलिक विषमताओं को ध्यान में रखकर हुआ था, लेकिन केवल जनसंख्या के आधार पर सीटों का निर्धारण करने से इन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कमजोर हो सकता है। उन्होंने मांग की है कि परिसीमन में भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गमता और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को भी समान महत्व दिया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इस विषय पर ध्यान नहीं दिया गया तो जनता को अपने अधिकारों के लिए पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। यह भी पढ़ें- महिला आरक्षण-परिसीमन पर समर्थन तभी, जब... NDA का अकसर साथ देने वाले नवीन पटनायक ने भी फंसा दिया पेच? यह भी पढ...
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