नई दिल्ली, अप्रैल 3 -- म्यांमार में सैन्य शासन ने लोकतंत्र के मुखौटे के पीछे अपनी शक्ति को और अधिक औपचारिक रूप दे दिया है। साल 2021 में चुनी हुई सरकार का तख्तापलट करने वाले सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग अब आधिकारिक तौर पर म्यांमार के राष्ट्रपति बन गए हैं। शुक्रवार को सैन्य-समर्थित संसद में हुए मतदान में उन्होंने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया, जिससे देश की कमान अब पूरी तरह से उनके हाथों में आ गई है। 69 साल के मिन आंग ह्लाइंग को संसद में पड़े कुल 584 मतों में से कम से कम 293 वोट मिले। म्यांमार की वर्तमान संसद में सेना का दबदबा है, इसलिए उनकी इस जीत को पहले से ही तय माना जा रहा था। गौरतलब है कि म्यांमार के संविधान के अनुसार, संसद की एक-चौथाई सीटें बिना चुनाव के सीधे सैन्य अधिकारियों के लिए आरक्षित होती हैं, जिससे किसी भी नागरिक पार्टी के लिए सेना...