प्रयागराज, जनवरी 13 -- प्रयागराज। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के गंगानाथ झा परिसर में मंगलवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन हुआ है। मुख्य अतिथि प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पूर्वजों ने स्वयं के शरीर को प्रयोगशाला बनाकर आयुर्वेद के रहस्यों को जनमानस तक पहुंचाया। वहीं, मौजूदा समय में आयुर्वेद के क्षेत्र में नित नए शोध आयुर्वेद की लोकप्रियता का परिचायक बने हुए हैं। उन्होंने ने बताया कि अश्वगंधा पर बीस हजार से भी अधिक शोध पत्रों का प्रकाशन किया जा चुका है। इस मौके पर प्रो. के रामचंद्र रेड्डी, प्रो. केदारनाथ, डॉ. रामकृष्ण पांडेय, डॉ.अवनीश पांडेय, राजेश कांत तिवारी समेत कई लोग मौजूद रहे।

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