नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। प्रियदर्शिनी मट्टू हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे संतोष कुमार सिंह की समयपूर्व रिहाई याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) अपने फैसलों में कहीं न कहीं जनभावना से प्रभावित हो रहा है, जबकि निर्णय निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि दोषी को निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ तरीके से सुना जाएगा। अदालत ने उसकी याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग स्वीकार करते हुए अगली तारीख 18 मई से पहले कर 20 अप्रैल तय कर दी है। यह भी पढ़ें- आपके साथ निष्पक्ष बर्ताव होगा; प्रियदर्शिनी मट्टू केस में सजा काट रहे दोषी को हाईकोर्ट ने क्यों दिया ऐसा आश...