गाज़ियाबाद, मार्च 9 -- गाजियाबाद, संवाददाता। जनपद में संस्थागत प्रसव के बाद 40 फीसदी प्रसूताओं को सरकारी सहायता (डीबीटी) नहीं मिल पा रही है। आंकड़ों के मुताबिक 10 महीने में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में केवल 17,269 प्रसव हुए। इनमें से केवल 10,286 महिलाओं को डीबीटी से भुगतान किया जा सका। बाकी प्रसूताएं अभी भी केंद्रों के चक्कर काट रही है।जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में विभाग की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक कुल 65,240 प्रसव हुए। इनमें सबसे अधिक 47,971 प्रसव निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में कराए गए। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में 17269 प्रसव कराए गए। सरकारी अस्पतालों में होने वाले संस्थागत प्रसव के बाद पात्र प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत सीधे खाते में भुगतान किया ज...
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