एटा, अप्रैल 2 -- अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत शासन से निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 15 प्रतिशत मरीजों को मोतिया बिन्द ऑपरेशन कराए जा सके। कार्यक्रम का संचालन कर रहे स्वास्थ्य विभाग के पास लगभग पांच वर्षों से नेत्र सर्जन और चिकित्सक नहीं है। जिस कारण शासन से दिए गए लक्ष्य की पूर्ति के लिए विभाग स्वैच्छिक संस्था, प्राइवेट हॉस्पिटल और मेडिकल कालेज पर निर्भर होकर रह गया है। अंधता निवारण कार्यक्रम नोडल अधिकारी डा.राममोहन तिवारी ने बताया कि वर्ष 2025 में शासन से निर्धारित लक्ष्य 31,916 के सापेक्ष जनपद में 15.79 मरीजों को मोतिया बिन्द ऑपरेशन सुविधा लाभ दिलाया गया है। उन्होंने बताया कि इसमें राजकीय क्षेत्र में एटा मेडिकल कालेज में फरवरी 2025 तक 1110, स्वैच्छिक संस्था कल्याण करोति सहित दो ने 2489 और निजी क्षेत्र के डा. ललित और क्रिश्चियन आई हॉस्पीट...
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