मुंबई, जुलाई 28 -- अस्पताल में डॉक्टर्स के साथ मारपीट के आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे को बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि जनता को वोट से जीतने वाला व्यक्ति उनके साथ ही मारपीट करने लगता है। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीशों ने पुलिस कार्रवाई पर ही सवाल उठाए हैं। अदालत ने मौजूदा जांच अधिकारी की जगह डीसीपी यानी पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी को नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुघे और जस्टिस गौतम अंखड़ सुनवाई कर रहे थे। दरअसल, म्हात्रे को इस कांड के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था और बाद में जमानत दे दी गई थी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने 18 जुलाई को जमानत को रद्द कर दिया था। जस्टिस घुघे ने कहा, 'आप पब्लिक लाइफ में हैं, जनता के लिए हैं और जनता की सेवा करने के लिए हैं, तो ...